Summer Express, हिसार | हरियाणा में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहे, हालांकि इसका तापमान पर खास असर नहीं पड़ा। प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है और कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को महेंद्रगढ़ में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं हिसार में अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री की गिरावट देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 6.2 डिग्री अधिक है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार फरवरी और मार्च में उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सामान्य रूप से सक्रिय रहने वाले पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहे हैं। इसके कारण पहाड़ी क्षेत्रों में अपेक्षित बर्फबारी और बारिश नहीं हो सकी, जिसका असर मैदानी इलाकों के मौसम पर भी पड़ा है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार वर्तमान में गुजरात, पश्चिमी राजस्थान और अरब सागर के आसपास बने प्रति-चक्रवातीय परिसंचरण के कारण प्रदेश का मौसम गर्म और शुष्क बना हुआ है। इसके अलावा पूर्वी हवाओं की जगह पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जो अरब सागर की दिशा से गर्म और शुष्क हवा ला रही हैं। इससे वातावरण में नमी कम हो रही है और तापमान बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि मार्च महीने का पहला कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सोमवार को सक्रिय हुआ है। इसके अलावा 11 और 14 मार्च को भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, लेकिन ये अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगे और इनका प्रभाव मुख्य रूप से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान प्रदेश में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा और बीच-बीच में बादलों की आवाजाही हो सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है। वहीं 19 मार्च के बाद एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 20 मार्च के बाद तापमान में गिरावट और प्रदेश में बारिश होने के आसार हैं।
विशेषज्ञों का यह भी अनुमान है कि इस वर्ष अप्रैल और मई के महीनों में भी बारिश की संभावना बनी रह सकती है, जिससे गर्मी के असर में कुछ राहत मिल सकती है।