Summer Express, चंडीगढ़ | हरियाणा की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) के कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाने वाले गुर्जर के इस फैसले ने कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को फिर उजागर कर दिया है।
इस्तीफे की पुष्टि करते हुए रामकिशन गुर्जर ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान शैली चौधरी पर लगाए जा रहे क्रॉस वोटिंग के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर और बाहर कुछ लोग साजिश के तहत उनका नाम उछालकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
गुर्जर ने कहा कि शैली चौधरी एक निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और उनके खिलाफ फैलाए जा रहे आरोप गलत हैं। उन्होंने इसे अपमानजनक बताते हुए विरोध स्वरूप अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
गौरतलब है कि ,हरियाणा की राज्यसभा सीटों के लिए हुए मतदान के दौरान सियासी हलचल देखने को मिली थी। कांग्रेस ने अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेजा था, ताकि किसी तरह की खरीद-फरोख्त से बचा जा सके। इसके बावजूद मतदान के बाद क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं सामने आईं, जिनमें शैली चौधरी का नाम भी शामिल किया गया।
रामकिशन गुर्जर को हुड्डा खेमे का मजबूत नेता माना जाता है। उनके इस्तीफे से पार्टी संगठन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस की अंदरूनी कमजोरी के तौर पर देख रहा है।
फिलहाल पार्टी आलाकमान की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता गुर्जर को मनाने की कोशिश कर सकते हैं ताकि चुनावी माहौल में नकारात्मक संदेश न जाए।