Summer Express , चंडीगढ़ | हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने हिसार जिले के अग्रोहा ब्लॉक के गांव जगान स्थित सरकारी उच्च विद्यालय में छात्राओं को अपमानजनक सजा देने की घटना को गंभीरता से लिया है। यह मामला 7 मार्च को समाचार रिपोर्ट और स्कूल परिसर के तीन वीडियो के माध्यम से सामने आया था। वीडियो में कुछ छात्राओं को ‘मुर्गा’ बनाकर पूरे स्कूल परिसर में घुमाया जाता दिखाया गया।
मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा और सदस्यों कुलदीप जैन व दीप भाटिया ने इस घटना को गंभीर बताया और कहा कि यदि आरोप सही पाए गए तो यह छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। आयोग ने स्पष्ट किया कि स्कूलों में अनुशासन के नाम पर किसी भी प्रकार का शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं है। छात्राओं को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन है और यह बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की भावना के भी खिलाफ है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने वीडियो सामने आने के बाद मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है। आयोग ने हिसार के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और निर्देश दिया है कि सभी रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले आयोग के समक्ष पेश की जाएं।
आयोग ने कहा कि शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान किया जाए। इस तरह की घटनाएं न केवल बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती हैं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जनता का भरोसा भी कमजोर करती हैं।