Summer express , नारनौल | हरियाणा के नारनौल में अवैध खनन से जुड़े बड़े घोटाले में विजिलेंस टीम ने अहम कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सहायक खनन अधिकारी संजय सिम्बरवाल को पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई, जिसमें सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की रेवाड़ी और नारनौल इकाइयों की संयुक्त टीम इस मामले की जांच कर रही थी। जांच में खुलासा हुआ कि खनन विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहन मालिकों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के निर्देशों की अनदेखी करते हुए कम जुर्माना वसूल कर अवैध खनन में लगे वाहनों को छोड़ दिया जाता था।
एसीबी के इंस्पेक्टर अशोक कुमार के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 17 आरोपियों में से 15 को गिरफ्तार किया जा चुका है। संजय सिम्बरवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच को और तेज कर दिया गया है। वहीं, शेष दो आरोपी—खनन अधिकारी राजेंद्र और क्लर्क चंद्रशेखर—अब भी फरार हैं, जिन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर राजेश और एएसआई बीर सिंह सहित पूरी टीम शामिल रही। विजिलेंस की इस बड़ी कार्रवाई से खनन विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।