Summer Express, पंचकूला । पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव विभाग ने पंचकूला के तत्कालीन डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर राजेंद्र परशाद डांगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम पंचकूला के आसरेवाली जंगल में खैर के पेड़ों की कटाई और तस्करी से जुड़े आरोपों के मद्देनजर उठाया गया है।
विभाग के अनुसार, डांगी के खिलाफ पहले भी गंभीर अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही की शिकायतें दर्ज थीं। इन आरोपों के चलते सरकार ने उन्हें सस्पेंड करने का निर्णय लिया है। हालांकि जारी आदेश में विस्तृत कारण नहीं बताए गए हैं, लेकिन इसे अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जा रहा है।
निलंबन के दौरान डांगी को हरियाणा सिविल सर्विसेज (जनरल) नियम, 2016 के तहत छह महीने तक निर्धारित गुजारा भत्ता मिलेगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि में उनका मुख्यालय रोहतक स्थित डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर कार्यालय रहेगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना उनके लिए प्रतिबंधित होगा।
विभाग ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए छह सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी का काम खैर के पेड़ों की कटाई और तस्करी में डांगी की भूमिका की गहन जांच करना है।
वन विभाग ने कहा है कि ऐसे कदम विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और निर्णय लिए जाएंगे।
इस मामले ने वन संरक्षण और अधिकारियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध कटाई में शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पंचकूला प्रशासन ने भी इस मामले पर निगरानी बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में जांच के परिणामों के आधार पर और कार्रवाई की संभावना जताई गई है।