Summer express,यमुनानगर | यमुनानगर जिले के महलांवाली गांव में हुए बहुचर्चित हत्याकांड में जिला अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया है, जबकि एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशविंद्र पाल सिंह की अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद महलांवाली निवासी मनदीप, परमजीत, जगजीत, तजिंद्र, विशाल और विक्रम सिंह को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने प्रत्येक दोषी को उम्रकैद के साथ 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, आरोपी दलजीत को पर्याप्त सबूत न मिलने पर संदेह का लाभ देते हुए केस से बरी कर दिया गया।
यह मामला 24 सितंबर 2021 की रात का है, जब मलकीत सिंह अपने साथियों दमनजीत, गुरजीत और बलजिंद्र सिंह के साथ कार में सवार होकर घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी पाबनी रोड के पास पहुंची, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन्हें रोक लिया और घेर लिया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया। इस दौरान मुख्य आरोपी मनदीप ने तलवार से मलकीत सिंह पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल मलकीत सिंह को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर हालत बिगड़ने पर पंचकूला के निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने मामले को मारपीट के तहत दर्ज किया था, लेकिन मृत्यु के बाद इसे हत्या की धारा 302 में परिवर्तित कर दिया गया।
जगाधरी थाना पुलिस ने जांच के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले को सुनियोजित और क्रूर हत्या बताया।