Summer express, बहादुरगढ़ । हरियाणा पुलिस ने नवजात शिशुओं की अवैध तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके से तीन दिन के एक नवजात शिशु को सुरक्षित बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह कुल पांच सदस्यों का है, जो नवजात बच्चों को अवैध तरीके से खरीद-फरोख्त के जरिए बेचने का काम करता था। आरोपियों के कब्जे से दो वाहन और संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई राज्यों में अपने नेटवर्क के जरिए काम कर रहा था।
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पंजाब के फरीदकोट से नवजात शिशु को लाकर दिल्ली में एक निसंतान दंपती को बेचने की योजना बनाई थी। आरोपियों ने बच्चे को करीब सवा दो लाख रुपये में खरीदा था और उसे 9 लाख 25 हजार रुपये में बेचने का सौदा तय किया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों में सलीम और अखिल गाजियाबाद के रहने वाले हैं, जबकि महिला आरोपी बेअंत कौर पंजाब के मुक्तसर जिले की निवासी है। सलीम किराना स्टोर चलाता है, वहीं अखिल सीएससी सेंटर का संचालन करता है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सरगना की पत्नी और महिला आरोपी की बेटी नर्स के रूप में इस अवैध नेटवर्क से जुड़ी हुई थीं।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से निसंतान दंपत्तियों को निशाना बनाता था। अब तक इस गिरोह की पांच अलग-अलग घटनाओं का खुलासा हो चुका है और अन्य मामलों की जांच जारी है।
डीसीपी मयंक मिश्रा ने स्पष्ट किया कि अवैध गोद लेने और नवजात बच्चों की तस्करी एक गंभीर अपराध है, और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब गिरोह के फरार सरगना की तलाश में जुटी है और आगे की पूछताछ के लिए गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा।