Summer Express,नारनौल | नारनौल में अवैध खनन से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माइनिंग विभाग के क्लर्क चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले करीब दस दिन पूर्व सहायक खनन अधिकारी को पंचकूला से पकड़ा गया था। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद सामने आई है, जिसमें सरकारी राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
इस पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रेवाड़ी और नारनौल की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी वाहन मालिकों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाते थे। आरोप है कि वे राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के निर्देशों की अनदेखी करते हुए कम जुर्माना वसूलकर वाहनों को छोड़ देते थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कई मामलों में पर्यावरण क्षतिपूर्ति की राशि कम करने के लिए फर्जी शपथ पत्र और गलत मूल्यांकन वाले दस्तावेजों का सहारा लिया गया। इन दस्तावेजों को बिना उचित सत्यापन के स्वीकार कर लिया गया, जिसके चलते कई मामलों में जुर्माना राशि लगभग 4 लाख रुपये से घटाकर 2 लाख रुपये या उससे भी कम कर दी गई।
इस तरह की अनियमितताओं के कारण सरकारी खजाने को करीब 21 लाख रुपये का नुकसान हुआ। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में कुल 17 अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
विजिलेंस ने इस मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश और पूछताछ जारी है। मामले में आगे की जांच तेजी से की जा रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।