Summer Express, फरीदाबाद। शहर में एलपीजी गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति में कटौती के चलते घरेलू सिलिंडरों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे बाजार में असंतुलन की स्थिति बन रही है। प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण के लिए निगरानी तेज कर दी है और गैस एजेंसियों की नियमित जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका सीधा प्रभाव फरीदाबाद में भी देखने को मिल रहा है। पहले जहां घरेलू गैस सिलिंडरों की दैनिक सप्लाई लगभग 20 हजार के आसपास थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 28 हजार तक पहुंच गई है। वहीं, बुकिंग का आंकड़ा 50 से 60 हजार प्रतिदिन तक दर्ज किया जा रहा है, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच अंतर स्पष्ट हो रहा है।
हरियाणा सरकार द्वारा वाणिज्यिक गैस आपूर्ति में पहले 20 प्रतिशत और बाद में 25 मार्च के बाद 50 प्रतिशत तक कटौती किए जाने के कारण व्यावसायिक उपभोक्ता अब घरेलू सिलिंडरों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में कई मामलों में घरेलू उपभोक्ताओं से अधिक कीमत पर सिलिंडर खरीदे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है।
जिले में कुल 7,31,000 घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिन्हें 45 गैस एजेंसियां आपूर्ति करती हैं। जिला खाद्य एवं पूर्ति विभाग ने शिकायतों के बाद सभी एजेंसियों पर निगरानी बढ़ा दी है और रिकॉर्ड की नियमित जांच की जा रही है।
हाल ही में मिर्जापुर गांव में 25 गैस सिलिंडरों की अवैध जमाखोरी का मामला सामने आया, जहां एक व्यक्ति से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने ये सिलिंडर विभिन्न घरेलू उपभोक्ताओं से जुटाए थे और आगे इन्हें छोटे व्यापारियों को उपलब्ध कराने की योजना थी। इनमें इंडेन, एचपी और भारत पेट्रोलियम कंपनियों के सिलिंडर शामिल थे।
विभागीय निरीक्षक हिमालय शर्मा ने बताया कि कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जा रही है और सभी जोन के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की अफरातफरी से बचें, क्योंकि विभाग की जिम्मेदारी है कि हर उपभोक्ता को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए।