Summer Express,जींद | हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिढ़ा जींद अनाज मंडी में भाकियू के धरने पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनीं। धरने पर मौजूद किसानों ने सरकार द्वारा लागू बायोमेट्रिक प्रणाली को वापस लेने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण गेहूं खरीद प्रक्रिया में उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और उचित निर्णय जल्द लिया जाएगा।
धरने के दौरान किसान संगठनों ने आगामी 11 अप्रैल को चक्का जाम करने की चेतावनी भी दी है, जिससे प्रशासन और सरकार की चिंता बढ़ गई है। डिप्टी स्पीकर ने किसानों से बातचीत के बाद अनाज मंडी में पहुंचकर गेहूं के ढेरों और खरीद व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया है कि गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और तीन-स्तरीय फसल सत्यापन प्रणाली लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत किसान की पहचान सुनिश्चित की जा रही है और अब तक मंडियों में पहुंची गेहूं में से लगभग 75 प्रतिशत का बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा हो चुका है।
सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह भी व्यवस्था दी है कि अब तीन नामांकित व्यक्ति भी बायोमेट्रिक सत्यापन करवा सकते हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए और कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।