ऊना, राकेश-:हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित प्रसिद्ध ब्रह्माहुति तीर्थस्थल पर वैसाखी मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। “मिनी हरिद्वार” के नाम से विख्यात इस पवित्र स्थल पर दूर-दराज से लोग स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।
मान्यता है कि इस पवित्र स्थान पर सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, यहां ब्रह्मा ने तपस्या की थी, जबकि पांडवों ने भी अपने अज्ञातवास के दौरान इस स्थान पर समय बिताया था। स्थानीय जनश्रुतियों में यह भी कहा जाता है कि पांडवों ने यहां स्वर्ग जाने के लिए सोने की सीढ़ियों का निर्माण शुरू किया था, जो अधूरा रह गया।ब्रह्माहुति तीर्थ को अत्यंत पवित्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहां स्नान और दर्शन करने से सभी तीर्थों का फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि वैसाखी, शिवरात्रि, सोमवती अमावस्या और सूर्यग्रहण जैसे विशेष अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।वैसाखी के दिन यहां स्नान का विशेष महत्व है। श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचकर पवित्र जल में डुबकी लगाते हैं और अपने जीवन को धन्य मानते हैं। कई लोग यहां अपने पूर्वजों की अस्थियां विसर्जित करने भी आते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थल पर स्नान करने से त्वचा संबंधी रोगों से भी मुक्ति मिलती है। आसपास के क्षेत्रों में इस स्थान को “भरमोती” नाम से भी जाना जाता है।13 और 14 अप्रैल को आयोजित हो रहे इस मेले में श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव के साथ भाग ले रहे हैं और धार्मिक आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है।