Mandi,29 June
लारजी डैम की फ्लशिंग प्रक्रिया के चलते पंडोह डैम के सभी पांच गेट खोल दिए गए हैं, जिससे ब्यास नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के अनुसार, डैम में हर सेकंड 36,000 क्यूसेक पानी आ रहा है, जिसमें से 34,000 क्यूसेक सीधे ब्यास नदी में छोड़ा जा रहा है। शेष 2,000 क्यूसेक पानी बिग्गी सुरंग के ज़रिए निकाला जा रहा है।
यह फ्लशिंग प्रक्रिया 30 जून सुबह 6 बजे तक जारी रहेगी। हर साल मानसून से पहले डैम में जमा सिल्ट और गाद को हटाने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती है।
प्रशासन की अपील: नदी से दूर रहें
ब्यास नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के चलते जिला प्रशासन और BBMB ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों से नदी के किनारे न जाने की सख्त चेतावनी जारी की है। पालतू पशुओं को भी नदी के आसपास न ले जाने का अनुरोध किया गया है।
ज्यूणी खड्ड में उफान, स्थिति गंभीर
पंडोह क्षेत्र की ज्यूणी खड्ड भी उफान पर है और ब्यास की धारा के साथ मिलकर जोखिम को और बढ़ा रही है। ऐसे में क्षेत्रवासियों से और अधिक सतर्क रहने को कहा गया है।
आपात स्थिति में संपर्क करें:
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने जनता से मौसम और प्रशासनिक अलर्ट को गंभीरता से लेने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें:
📞 01905-226201, 226202, 226203, 226204
📱 व्हाट्सएप: 85447-71889