Summer express, यमुनानगर | यमुनानगर के शादीपुर गांव में सामने आया नीलम हत्याकांड घरेलू रिश्तों में पनपते अविश्वास और हिंसा की गंभीर तस्वीर पेश करता है। इस घटना में न सिर्फ एक महिला की जान गई, बल्कि एक पूरा परिवार बिखर गया और दो मासूम बच्चों का बचपन गहरे सदमे में डूब गया।
करीब 35 वर्षीय नीलम, जो उत्तर प्रदेश के बलिया की मूल निवासी थी, ने वर्ष 2013 में संतोष के साथ प्रेम विवाह किया था। दोनों अपने दो बेटों के साथ किराए के मकान में रह रहे थे। बाहरी तौर पर सब कुछ सामान्य दिखता था, लेकिन दांपत्य जीवन में लंबे समय से चल रहा शक और तनाव धीरे-धीरे रिश्ते को कमजोर कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। आरोप है कि गुस्से में संतोष ने नीलम का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद महिला का शव पूरे एक दिन तक घर में ही पड़ा रहा।
इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि दंपती के दो छोटे बेटे, जिनकी उम्र लगभग 8 और 6 वर्ष है, इस पूरी घटना के दौरान घर में ही मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी पिता बच्चों को घर से बाहर ले गया और कथित रूप से उनके साथ आत्महत्या करने का विचार कर रहा था। हालांकि, बाद में उसने खुद ही पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि रिश्तों में बढ़ता अविश्वास और संवाद की कमी किस तरह भयावह परिणामों को जन्म दे सकती है। फिलहाल, सबसे बड़ी चिंता उन मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर है, जिनकी जिंदगी इस हादसे ने पूरी तरह बदल दी है।