Summer express, लुधियाना | लुधियाना की पॉश कॉलोनी मानी जाने वाली ड्रीम सिटी साउथ सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला चोरी की घटनाओं के साथ-साथ मीडिया को अंदर प्रवेश न देने को लेकर चर्चा में है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की सूचना मिलते ही मीडिया टीम मौके पर पहुंची, लेकिन गेट नंबर-1 पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। शुरुआत में गार्ड्स ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए कुछ समय मांगा, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। बाद में मीडिया को साफ तौर पर कह दिया गया कि बिना अनुमति प्रवेश संभव नहीं है। जब अनुमति देने वाले अधिकारी का नाम और संपर्क पूछा गया तो गार्ड्स ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और मैनेजमेंट का नंबर साझा करने से भी इनकार कर दिया।
सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि कॉलोनी के अंदर दो मकानों में चोरी की वारदात हुई है। बताया जा रहा है कि ये मकान अभी निर्माणाधीन थे और पूरी तरह आबाद नहीं थे, जिससे चोरों ने उन्हें आसान निशाना बनाया। चोरी की घटनाएं कॉलोनी के अंदरूनी हिस्सों में हुईं, जहां निगरानी अपेक्षाकृत कम बताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मामले में संदेह की सुई निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों की ओर भी उठ रही है, लेकिन इस पर भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों का रिकॉर्ड और गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी होता है।
काफी देर बाद जब मीडिया ने कॉलोनी के सीएसओ प्रभजोत सिंह से संपर्क किया, तो उन्होंने दावा किया कि मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और मीडिया टीम को ऐसा कोई समाधान नजर नहीं आया, जिससे स्थिति और अधिक संदिग्ध हो गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आम लोगों को कॉलोनी में आने-जाने की अनुमति दी जा रही थी, तो मीडिया को ही क्यों रोका गया? इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोली है, बल्कि प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।asa
इस घटना के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि हाई-प्रोफाइल कॉलोनियों में भी सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर अभी कई खामियां मौजूद हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और प्रबंधन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या सच्चाई सामने आ पाती है या नहीं।