Summer express/शिमला, संजू -:उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को कमजोर कर दिया है और इसका सबसे बड़ा नुकसान उन लाखों छात्रों को उठाना पड़ रहा है, जो वर्षों तक कठिन मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। मंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं बच्चों के भविष्य के साथ सीधा अन्याय हैं और सरकार को इस पर तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।
उद्योग मंत्री ने कहा कि आज देश में प्रतियोगी परीक्षाओं का माहौल लगातार खराब होता जा रहा है। छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, परिवार अपनी आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं, लेकिन जब परीक्षा से पहले या बाद में पेपर लीक की खबरें सामने आती हैं तो छात्रों का मनोबल टूट जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। चौहान ने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे मामलों में केवल मूक दर्शक बनी हुई है, जबकि जरूरत इस बात की है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और जवाबदेह बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि कई बार यह भी देखने में आता है कि कुछ प्रभावशाली संस्थानों और कोचिंग नेटवर्क से जुड़े छात्रों को अनुचित लाभ मिलने की बातें सामने आती हैं। इससे सामान्य और मेहनती विद्यार्थियों में असमानता की भावना पैदा होती है। उद्योग मंत्री ने कहा कि अगर इसी तरह से परीक्षाओं की गोपनीयता भंग होती रही तो देश के युवाओं का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि अब समय आ गया है कि परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाए और ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली को गंभीरता से लागू किया जाए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी।
इस दौरान उद्योग मंत्री ने प्रधानमंत्री के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री जनता से इस प्रकार की अपील करता है तो यह संकेत देता है कि हालात सामान्य नहीं हैं। चौहान ने दावा किया कि देश आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है और महंगाई तथा बेरोजगारी ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार की नीतियां अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही हैं। साथ ही उन्होंने विदेश नीति को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वह चिंता का विषय है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि विपक्ष लगातार आर्थिक हालात को लेकर सरकार को आगाह करता रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने समय रहते गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और मध्यम वर्ग में भविष्य को लेकर असुरक्षा बढ़ रही है और सरकार को केवल बयानबाजी के बजाय ठोस फैसले लेने चाहिए।
वहीं सोलन नगर निगम चुनावों को लेकर भी उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने अपनी सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोलन शहर के लिए एक व्यापक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है, जिसमें शहर के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी के रेट नहीं बढ़ाए जाएंगे और व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की डुप्लीकेसी नहीं होने दी जाएगी। जलशक्ति विभाग को सभी कार्य व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।चौहान ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से हर वार्ड में जिम और लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा पूरे सोलन शहर में सीवरेज नेटवर्क को मजबूत करने और कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जा सके।