Summer express,हिसार। हरियाणा में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी ने बिजली व्यवस्था की हालत बिगाड़ दी है। प्रदेश में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने के साथ ही बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। हरियाणा स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में दैनिक बिजली खपत 24.50 करोड़ यूनिट के पार पहुंच चुकी है, जिससे बिजली ढांचे पर भारी दबाव बन गया है।
घरों, बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एसी और कूलरों का लगातार बढ़ता इस्तेमाल अब बिजली व्यवस्था पर भारी पड़ रहा है। ओवरलोडिंग के चलते प्रदेशभर में पिछले तीन दिनों के भीतर 700 से अधिक ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। कई जिलों में लंबे बिजली कट और हाई वोल्टेज की समस्या से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिरसा में बिजली खपत एक करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है, जबकि गुरुग्राम में प्रतिदिन पांच करोड़ यूनिट से अधिक बिजली की मांग दर्ज की गई। झज्जर में पिछले वर्ष के मुकाबले 17.64 लाख यूनिट अधिक खपत रिकॉर्ड हुई है। वहीं भिवानी में औसत बिजली खपत 95 लाख यूनिट से ऊपर पहुंच गई है और जिले में 184 ओवरलोड ट्रांसफार्मर चिन्हित किए गए हैं।
रोहतक में बीते तीन दिनों की औसत बिजली खपत 93 लाख यूनिट रही, जबकि जींद में महज पांच दिनों के भीतर बिजली मांग 62 लाख यूनिट से बढ़कर 88 लाख यूनिट तक पहुंच गई। यमुनानगर में भी इस बार बिजली की मांग ने पिछले साल के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
प्रदेश में सबसे ज्यादा असर ट्रांसफार्मरों पर देखने को मिल रहा है। अकेले सिरसा जिले में एक सप्ताह के भीतर 107 ट्रांसफार्मर जल गए। चरखी दादरी में मई महीने के दौरान 54 ट्यूबवेल और 22 घरेलू ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। वहीं हांसी में पिछले एक महीने में 45 ट्रांसफार्मर जलने के मामले सामने आए हैं।
अंबाला में हाई वोल्टेज के कारण लोगों के एसी, कूलर और फ्रिज तक खराब हो गए। गांव अधोया में बिजली समस्याओं से परेशान ग्रामीणों ने पावर हाउस के बाहर धरना भी दिया। फतेहाबाद में बिजली तारों में आग लगने और लंबे बिजली कट की घटनाएं सामने आई हैं।
बढ़ती गर्मी और नौतपा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। कैथल समेत कई जिलों के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। मरीजों के लिए ओआरएस और आइवी फ्लूइड का अतिरिक्त स्टॉक भी रखा गया है।
बिजली विभाग लगातार ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और नए ट्रांसफार्मर लगाने में जुटा है। कुरुक्षेत्र में अब तक 120 ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है, जबकि 80 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। झज्जर में बढ़ते लोड को संभालने के लिए 33 नए फीडर जोड़े गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी तरह बना रहा, तो बिजली मांग और बढ़ सकती है, जिससे प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर और दबाव पड़ने की आशंका है।