Summer express, मुक्तसर। पंजाब के मुक्तसर जिले के गांव अबुल खुराना स्थित ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ में लड़कों के दाखिले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्कूल के बाहर ग्रामीणों, अभिभावकों और छात्राओं ने धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है और लड़कियों के लिए बने स्कूल में लड़कों को दाखिला देकर माहौल खराब किया जा रहा है।
करीब 40 साल पुराना यह स्कूल पहले केवल लड़कियों के लिए संचालित होता था। वर्ष 2023 में इसे ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ का दर्जा दिया गया, जिसके बाद नई नीति के तहत प्रवेश परीक्षा के जरिए 60 लड़कों को भी दाखिला दिया गया। इसी फैसले के बाद से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। अभिभावकों का कहना है कि सह-शिक्षा लागू होने से गांव की लड़कियां असहज महसूस कर रही हैं।
ग्रामीणों ने स्कूल में शिक्षकों की कमी को भी बड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना है कि छठी से 12वीं तक करीब 800 विद्यार्थी यहां पढ़ाई करते हैं, जो आसपास के लगभग 30 गांवों से आते हैं, लेकिन स्कूल में 17 से 18 पद खाली पड़े हैं। पिछले साल तबादलों के दौरान 10 से 12 शिक्षक यहां से चले गए थे। स्कूल में प्रिंसिपल का पद भी खाली है और फिलहाल पंजाबी लेक्चरर सविंदर सिंह बतौर इंचार्ज जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
धरने पर बैठे ग्रामीण हरदास सिंह और सोनू ने आरोप लगाया कि वे पिछले डेढ़ साल से जिला शिक्षा अधिकारी समेत कई अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि स्थानीय गरीब लड़कियों को नजरअंदाज कर बाहरी छात्रों को दाखिला दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल में खाली पद नहीं भरे जाते और सह-शिक्षा को लेकर स्पष्ट फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
स्कूल प्रबंधन ने भी शिक्षकों की कमी को स्वीकार किया है। स्कूल इंचार्ज सविंदर सिंह ने कहा कि विभाग को कई बार खाली पदों के बारे में लिखा जा चुका है। उन्होंने बताया कि लड़कों का दाखिला ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की नीति और प्रवेश परीक्षा के आधार पर किया गया है। उनके अनुसार, प्रोजेक्ट अभी तीसरे चरण में है और जैसे-जैसे ढांचा मजबूत होगा, स्टाफ की नियुक्तियां भी की जाएंगी।