Summer express, सुन्दर कुंडू ,पलवल। हरियाणा सरकार ने खरीफ-2026 सीजन के लिए किसानों को जल संरक्षण और वैकल्पिक खेती से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिला पलवल में ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ और डीएसआर (धान की सीधी बिजाई) योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसान ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कर इन योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। डीएसआर योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि पलवल जिले को डीएसआर योजना के तहत 10 हजार एकड़ का लक्ष्य मिला है। इस योजना के अंतर्गत धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को भौतिक सत्यापन के बाद 4500 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि डीएसआर तकनीक से पानी की बचत के साथ उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है, इसलिए किसानों को इस पद्धति को अपनाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के तहत जिले को 4000 एकड़ का लक्ष्य दिया गया है। इसके अंतर्गत वे किसान लाभ ले सकेंगे, जिन्होंने पिछले वर्ष धान की खेती की थी और इस बार वैकल्पिक फसलें अपनाने या खेत खाली छोड़ने का निर्णय लिया है। योजना के तहत किसानों को 8000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
सरकार की ओर से मक्का, कपास, मूंग, अरहर, ग्वार, उड़द, सोयाबीन, तिल, मूंगफली, प्याज, सब्जियां, चारा, बागवानी फसलें और एग्रो फॉरेस्ट्री जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा दलहन, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों को 2000 रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा।
डॉ. बाबू लाल ने बताया कि कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए एनएफएसएम योजना के तहत प्रदर्शन प्लॉट और अंतर फसल योजना के लिए भी ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। पात्र किसानों को भौतिक सत्यापन के आधार पर 3200 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता दी जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय के भीतर पोर्टल पर आवेदन कर सरकार की इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।