Summer express/शिमला, संजू -: शिमला की पहचान बन चुका अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव-2026 इस बार नए तेवर, व्यापक स्वरूप और जनभागीदारी के बड़े विजन के साथ नजर आएगा। अब तक रिज मैदान की सांस्कृतिक शामों तक सीमित रहने वाला यह प्रतिष्ठित उत्सव इस बार स्कूलों, खेल मैदानों, साहित्यिक मंचों और शहर के अलग-अलग हिस्सों तक अपनी पहुंच बनाएगा। मंगलवार को पत्रकार वार्ता में शिमला के डीसी अनुपम कश्यप ने बताया कि पंचायती राज चुनावों और प्रशासनिक व्यस्तताओं के चलते ग्रीष्मोत्सव की तिथियों में बदलाव किया गया है। अब इसका आयोजन 8 से 12 जून तक होगा। उन्होंने कहा कि इस बार प्रशासन का लक्ष्य ग्रीष्मोत्सव को “जन सहभागिता उत्सव” के रूप में स्थापित करना है, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। फेस्टिवल के दौरान शिमला की सात पहाड़ों का दीदार हेलीकॉप्टर से किया जा सकेगा।
शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि इस बार पहली दफा 50 स्कूलों के विद्यार्थियों को ग्रीष्मोत्सव से जोड़ा जाएगा। चार जोन में विभाजित स्कूलों के बीच हिंदी और अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिता “श्यामला मंथन” आयोजित होगी, जिसका उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना है। विजेताओं के लिए 51 हजार, 31 हजार और 21 हजार रुपये के पुरस्कार तथा रनिंग ट्रॉफी रखी गई है। महिला स्वयं सहायता समूहों को भी “शिमला स्वाद महोत्सव” के जरिए नया मंच मिलेगा। छह स्टॉलों पर स्थानीय व्यंजन और पहाड़ी स्वाद आकर्षण का केंद्र रहेंगे। वहीं “एंटी-चिट्टा इंटर डिस्ट्रिक्ट वॉलीबॉल चैंपियनशिप” में प्रदेश के 12 जिलों की टीमें संजौली में मुकाबला करेंगी। विजेता टीम को एक लाख रुपये और उपविजेता को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी। प्रशासन इसे युवाओं को नशे से दूर रखने के संदेश से जोड़ रहा है।
ग्रीष्मोत्सव में फिल्म फेस्टिवल भी होगा, जिसमें सामाजिक मुद्दों, खासकर चिट्टे और नशे के खिलाफ बनी लघु फिल्मों को मंच मिलेगा। विजेता फिल्म को एक लाख रुपये, द्वितीय को 75 हजार और तृतीय को 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। चयनित फिल्मों को भविष्य में स्कूलों में दिखाने की योजना भी है।उत्सव में “माय चैंपियन डॉग शो”, फ्लावर शो, “हेल्दी बेबी शो– माय चाइल्ड, माय प्राइड”, “वॉयस ऑफ माउंटेन्स” अंतरराष्ट्रीय गायन प्रतियोगिता और पहली बार हेलीकॉप्टर जॉय राइड का रोमांच भी शामिल होगा। डीसी अनुपम कश्यप ने बताया कि इस बार कार्यक्रम केवल रिज मैदान तक सीमित नहीं रहेंगे। रिज, रिपोर्टिंग रूम के सामने और खेल परिसर प्रांगण में अलग-अलग मंच सजेंगे। तिब्बती समुदाय का पारंपरिक “छम नृत्य”, धर्मशाला की टीआईपीए टीम की प्रस्तुति, पांच दिवसीय रंगमंच आयोजन, साहित्यिक गोष्ठियां, फैशन शो, जुम्बा, मलखंभ प्रदर्शन और “रंगों की दुनिया” आर्ट फेस्टिवल भी ग्रीष्मोत्सव को बहुरंगी आयाम देंगे।