Summer express, बहादुरगढ़। जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में भारतीय कुश्ती टीम में हरियाणा का दबदबा देखने को मिलेगा। पुरुष वर्ग की फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन टीम में शामिल 12 पहलवानों में से 11 खिलाड़ी हरियाणा से संबंध रखते हैं। ऐसे में कुश्ती स्पर्धाओं में भारत के पदक अभियान की बड़ी जिम्मेदारी एक बार फिर हरियाणा के पहलवानों के कंधों पर होगी।
इस बार सबसे अधिक पांच पहलवान झज्जर जिले से चयनित हुए हैं, जिससे जिले के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। झज्जर के खिलाड़ियों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। चयनित खिलाड़ियों में कई ऐसे पहलवान शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
झज्जर जिले के पांच चयनित पहलवानों में से तीन बहादुरगढ़ के मांडौठी स्थित प्रसिद्ध हिंद केसरी सोनू अखाड़े से जुड़े हैं। इनमें सुमित दलाल, दीपक कुमार और रजत रूहल शामिल हैं। इन खिलाड़ियों की सफलता ने एक बार फिर क्षेत्र के पारंपरिक अखाड़ों की मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है।
अर्जुन अवार्डी पहलवान एवं सोनू अखाड़े के कोच धर्मेंद्र दलाल ने कहा कि भारतीय कुश्ती टीम इस बार पहले से कहीं अधिक मजबूत नजर आ रही है। खिलाड़ियों ने लंबे समय तक कठिन प्रशिक्षण लिया है और उनसे एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय पहलवान पिछले संस्करण की तुलना में अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे।
ग्रीको रोमन वर्ग में सुमित (60 किग्रा), दीपक (67 किग्रा), अमन (77 किग्रा), सुनील मलिक (87 किग्रा), नितेश सिवाच (97 किग्रा) और दीपांशु (130 किग्रा) का चयन हुआ है। वहीं फ्री स्टाइल वर्ग में अमन सहरावत (57 किग्रा), सुजीत (65 किग्रा), सागर जागलान (74 किग्रा), मुकुल दहिया (86 किग्रा), दीपक पूनिया (97 किग्रा) और रजत रूहल (125 किग्रा) भारतीय चुनौती पेश करेंगे।
हरियाणा के खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी को देखते हुए खेल विशेषज्ञों का मानना है कि कुश्ती में भारत के पदक जीतने की संभावनाएं काफी मजबूत हैं। अब सभी की निगाहें जापान में होने वाले एशियन गेम्स पर टिकी हैं, जहां हरियाणा के पहलवान देश के लिए पदक जीतने का सपना साकार करने उतरेंगे।