नई दिल्ली | एयर इंडिया की बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI 2414 में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया जब टेकऑफ से पहले पायलट कॉकपिट में ही बेहोश होकर गिर पड़े। एयर इंडिया ने इस घटना को “मेडिकल इमरजेंसी” करार देते हुए तत्काल एक नया पायलट नियुक्त किया और फ्लाइट को सुरक्षित रवाना किया गया।
क्या हुआ था हादसे के वक्त?
4 जुलाई की सुबह फ्लाइट AI 2414 की तैयारी चल रही थी। सूत्रों के अनुसार पायलट उस समय विमान के कॉकपिट में जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर रहे थे और टेक्निकल लॉग साइन करने ही वाले थे, जो उड़ान से पहले एक अनिवार्य औपचारिकता होती है। उसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और वे बेहोश होकर गिर गए। एयरपोर्ट पर मौजूद क्रू मेंबर्स और मेडिकल स्टाफ ने तत्काल उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और नजदीकी अस्पताल भिजवाया।
एयर इंडिया का बयान
एयर इंडिया ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “हमारे पायलट को 4 जुलाई को फ्लाइट से पहले एक मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़ा। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत अब स्थिर है और मेडिकल निगरानी में रखा गया है।”
फ्लाइट हुई थोड़ी देरी से रवाना
पायलट की तबीयत बिगड़ने के कारण फ्लाइट को कुछ देर के लिए टालना पड़ा। एयर इंडिया ने तत्काल एक अन्य पायलट को तैनात किया, जिसके बाद फ्लाइट AI 2414 को सुरक्षित तरीके से रवाना किया गया। यात्रियों को थोड़ी देर इंतजार करना पड़ा, लेकिन एयरलाइन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति को जिम्मेदारी से संभाला।
क्रू मेंबर्स की तत्परता से बचा बड़ा हादसा
इस घटना में फ्लाइट क्रू और एयरपोर्ट मेडिकल टीम की त्वरित प्रतिक्रिया की जमकर सराहना हो रही है। सभी ने मिलकर हालात पर समय रहते काबू पाया, जिससे किसी बड़े हादसे से बचा जा सका।
DGCA की सख्त गाइडलाइन
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, किसी भी पायलट का पूरी तरह से फिट होना उड़ान से पहले जरूरी होता है। शारीरिक या मानसिक अस्वस्थता की स्थिति में पायलट को तुरंत ड्यूटी से हटाया जाना चाहिए। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन यात्रियों की जान बचाने में कितना अहम है।