Summer express/शिमला ,संजू-: हिमाचल में जारी राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप के बीच अब शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान मुख्यमंत्री के समर्थन में उतरे हैं. पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि CM सुक्खू जमीन से उठ कर आए नेता हैं और बहुत संघर्षों के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं. ऐसे में केवल राजनीतिक के लिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है.
शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि राजनीति में इस प्रकार की टिप्पणी करना गलत परंपरा है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयान बाजी से राजनीतिक स्तर गिरता है. मुख्यमंत्री के समर्थन में बोलते हुए महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री का पूरा जीवन संघर्ष में गुजारा है. इसके बावजूद उन्होंने मुश्किल समय में सेवा भाव दिखाया है. सुरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रदेश को 2024 और 2025 में भयंकर आपदा का सामना करना पड़ा. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी संपत्ति का 51 लाख रुपए राज्य मुख्यमंत्री आपदा कोष में दान कर दिया. इतना ही नहीं इससे पहले कोरोना काल के समय में भी मुख्यमंत्री ने अपनी निजी कमाई से 11 लख रुपए दान किए थे साथ ही डेढ़ साल तक वेतन नहीं लिया. सुरेंद्र चौहान ने कहा कि ये मुख्यमंत्री के सेवा भाव को दर्शाता है. सुरेंद्र चौहान ने कहा उन्होंने मुख्यमंत्री को करीब से काम करते हुए देखा है. CM सुक्खू जमीन से उठ कर आए नेता हैं और बहुत संघर्ष को संघर्षों के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं. सुरेंद्र चौहान ने कहा कि ऐसे में केवल राजनीतिक लाभ के लिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है.