Mandi, 6 July
मंडी-कोटली राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में लापरवाही अब स्थानीय लोगों की जान और माल पर भारी पड़ रही है। नगर निगम मंडी के तल्याहड़ वार्ड के मडवाहण गांव में की गई अव्यवस्थित कटाई और समय पर सुरक्षात्मक दीवारें (डंगे) न बनाए जाने से चार आवासीय मकान खतरे की जद में आ गए हैं। इनमें से दो घरों को एहतियातन खाली करवा लिया गया है।
बरसात के चलते इलाके में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। प्रभावित मनीष शर्मा और हेमलता ने बताया कि रातें डर के साये में कट रही हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी से बार-बार आग्रह के बावजूद डंगे नहीं लगाए गए, जिससे बुजुर्ग और बीमार परिजन तनाव और असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
नागरिकों का फूटा गुस्सा, जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल
स्थानीय निवासी प्रदीप शर्मा और टेक सिंह कटोच ने कहा कि यह कोई बड़ा तकनीकी कार्य नहीं है, बल्कि इच्छाशक्ति की कमी का नतीजा है। उन्होंने प्रशासन के प्रयासों की सराहना की, लेकिन यह भी जोड़ा कि बार-बार तलब किए जाने के बावजूद कंपनी द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर भी नाराज़गी जताते हुए उन्होंने कहा कि अब तक हालात का जायज़ा लेने तक कोई नहीं आया।
तिरपालें बनीं अस्थायी ढाल, पर स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने अस्थायी रूप से तिरपालों के सहारे घरों को बचाने का प्रयास किया है, लेकिन लगातार बारिश के चलते यह उपाय भी प्रभावहीन साबित हो रहा है। लोगों का कहना है कि न केवल घर खतरे में हैं, बल्कि आने-जाने का रास्ता भी सुरक्षित नहीं छोड़ा गया है।ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द डंगे लगाए जाएं और क्षेत्र के लिए स्थायी सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं ताकि वे अपने घरों में सुरक्षित जीवन जी सकें।