Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन स्थित नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन (एनआरएमयू), अंबाला मंडल कार्यालय में रविवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन (एआईआरएफ) एवं एनआरएमयू के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा और एनआरएमयू के केंद्रीय अध्यक्ष एस.के. त्यागी ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने आठवें वेतन आयोग, पुरानी पेंशन योजना और रेल कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर यूनियन की ओर से किए जा रहे प्रयासों और सरकार के साथ हुई चर्चाओं की जानकारी साझा की।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एआईआरएफ एवं एनआरएमयू के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि रेल कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए यूनियन लगातार केंद्र सरकार, रेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के साथ संवाद कर रही है। उन्होंने कहा कि आठवें वेतन आयोग के गठन और उससे संबंधित मांगों को लेकर विभिन्न स्तरों पर मंत्रियों और अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की गई हैं, ताकि कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं और उचित वेतन संरचना मिल सके।
उन्होंने बताया कि अंबाला दौरे का एक विशेष महत्व यह भी है कि अंबाला मंडल के सचिव निर्मल सिंह का आज सेवानिवृत्ति दिवस है। इस अवसर पर उनके लंबे योगदान और कर्मचारी हितों के लिए किए गए कार्यों की सराहना की गई।
शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि यूनियन लंबे समय से उन रेल कर्मचारियों के परिवारों के लिए संघर्ष कर रही थी, जिन कर्मचारियों की मृत्यु वर्ष 2003 से पहले हो गई थी और जिनके आश्रितों ने वर्ष 2003 में नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनकी नियुक्ति वर्ष 2004 या उसके बाद हुई। उन्होंने बताया कि ऐसे कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिलाने की मांग को लेकर लगातार प्रयास किए गए, जिसके बाद रेल मंत्रालय की ओर से इस संबंध में पत्र भी जारी किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि यूनियन का संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। रेलवे देश का एक विशाल विभाग है, जिसमें 12 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से कई कर्मचारी ऐसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं, जहां कार्य परिस्थितियां बेहद कठिन हैं। ऐसे कर्मचारियों की सुविधाओं और अधिकारों को लेकर भी यूनियन लगातार प्रयासरत है।
प्रेस वार्ता के दौरान शिव गोपाल मिश्रा ने आठवें वेतन आयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि रेलवे कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए यूनियन भविष्य में भी संघर्ष जारी रखेगी।