Summer express, मोनिका रावत ,चंडीगढ़। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, करनाल, हिसार, झज्जर, रोहतक और साेनीपत सहित विभिन्न शहरों में अब सेक्टरों और कालोनियाें में एक मंजिल पर सिर्फ एक फ्लैट बनाया जा सकेगा। एक बिल्डिंग में अधिकतम चार मंजिल तक बनाने की अनुमति दी जाएगी, जिसमें प्रत्येक फ्लोर पर एक घर बनाने की अनुमति होगी। अभी तक एक मंजिल पर दो से तीन-तीन घर भी बनाए जाते रहे हैं, जिन पर सरकार ने रोक लगा दी है।
हाल ही में विभिन्न स्थानाें पर आग लगने की घटनाओं को देखते हुए भवन निर्माण से जुड़े नियमाें को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हरियाणा सरकार ने बिल्डिंग कोड में बदलाव का प्रारूप जारी कर दिया है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने लोगों से 25 जुलाई तक सुझाव मांगें हैं। विभाग के निदेशक अमित खत्री द्वारा जारी ड्राफ्ट के मुताबिक एक बिल्डिंग में अधिकतम चार फ्लाेर बनाए जा सकेंगे, जिनमें से प्रत्येक मंजिल पर केवल एक स्वतंत्र आवासीय यूनिट बनाने की अनुमति दी जाएगी।
यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि एक ही मंजिल पर कई स्वतंत्र आवासीय यूनिट बनाए जाने से भवनों में रहने वालों की संख्या स्वीकृत क्षमता से अधिक हो रही है। ऐसे भवनों में आग या अन्य आपदा के समय लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है। करनाल, हिसार, झज्जर, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और साेनीपत जैसे तेजी से विकसित हो रहे विभिन्न शहरों में बड़ी संख्या में ऐसे मकान बने हैं, जहां एक ही मंजिल पर दो या उससे अधिक स्वतंत्र फ्लैट विकसित कर दिए गए हैं।
ऐसे में एक ही प्लाट पर रहने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ जाती है, जबकि भवन निर्माण की अनुमति प्लाट के आकार, एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) और अन्य विकास मानकों को ध्यान में रखकर दी जाती है। भवन के लिए नक्शा तैयार करते समय ही सीढ़ियां, पार्किंग, निकासी मार्ग, पानी, बिजली और अग्नि सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं निर्धारित की जाती हैं।
एक ही मंजिल को दो या उससे अधिक फ्लैट में विभाजित करने की अनुमति नहीं होगी
एक ही मंजिल पर कई अलग-अलग फ्लैट बना दिए जाने से आग, भूकंप या अन्य आपदा आने पर राहत और बचाव कार्य प्रभावित होने का खतरा रहता है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार एक ही मंजिल को दो या उससे अधिक अलग-अलग फ्लैटों में विभाजित करने की अनुमति नहीं होगी। भवन को संबंधित क्षेत्र के जोनिंग प्लान और आर्किटेक्चरल कंट्रोल शीट के अनुरूप विकसित करना होगा। नियमाें की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई का प्रविधान किया जाएगा।