राहुल शर्मा | लुधियाना
शहर के मल्होत्रा पैलेस से सटे हुसैनपुरा और लाधिया क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध कॉलोनियों का बड़ा खेल चलने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी कॉलोनाइजरों ने खेती योग्य भूमि पर बिना आवश्यक मंजूरियों के प्लॉट काटकर बेच दिए, जिससे सैकड़ों परिवारों की जीवनभर की कमाई दांव पर लग गई। लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई गईं, जबकि अवैध प्लॉटिंग का कारोबार लगातार चलता रहा।
पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने किराये के मकानों से छुटकारा पाने और अपना घर बनाने के उद्देश्य से किस्तों पर प्लॉट खरीदे थे। बाद में जब बैंक से मकान निर्माण के लिए ऋण लेने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कॉलोनियां वैध नहीं हैं। इसके चलते बैंक ने ऋण देने से इन्कार कर दिया। लोगों का कहना है कि यदि पहले ही सही जानकारी मिल जाती तो वे अपनी गाढ़ी कमाई इस तरह दांव पर नहीं लगाते।
सूत्रों का दावा है कि संबंधित विभाग ने कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज कर और सीमित स्तर पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई का दिखावा किया, लेकिन इसके बाद कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने से कॉलोनाइजरों के हौसले बुलंद हैं।
{रजिस्ट्रियों पर उठे सवाल…
सूत्रों के अनुसार, यदि इन कॉलोनियों की रजिस्ट्रियां हुई हैं तो यह जांच का विषय है कि किन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें मंजूरी मिली। कुछ लोगों ने फर्जी एनओसी के आधार पर रजिस्ट्रियां होने के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।