नई दिल्ली | अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रुकवाने का दावा किए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह इस मसले पर कब तक मौन रहेंगे।
ट्रंप ने फिर दोहराया ‘मध्यस्थता’ का दावा
जयराम रमेश ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि, “पिछले 59 दिनों में कम से कम 21वीं बार डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को रोका था। ट्रंप के अनुसार यह संघर्ष एक परमाणु युद्ध में बदल सकता था, जिसे उन्होंने व्यापार के माध्यम से टाल दिया।”
रमेश ने यह भी कहा कि ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब वह भारत और पाकिस्तान के साथ संभावित व्यापार समझौते की घोषणा की बात भी कर रहे थे।
कांग्रेस का मोदी से सवाल
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल करते हुए कहा, “डोनाल्ड ट्रंप बार-बार खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहे हैं, लेकिन पीएम मोदी अब तक खामोश हैं। क्या वह इन दावों का खंडन करेंगे? या उनकी चुप्पी इसे स्वीकारोक्ति मान ली जाए?”
जयराम रमेश ने याद दिलाया कि कभी बीजेपी नेता घनश्याम तिवाड़ी ने नरेन्द्र मोदी को “भाजपा का ट्रंप कार्ड” बताया था। अब उसी ट्रंप के दावों पर सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
भारत का रुख क्या है?
भारत की ओर से आधिकारिक रुख यह रहा है कि मई में पाकिस्तान द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई के जवाब में डीजीएमओ स्तर पर बातचीत के बाद ही संघर्ष विराम लागू किया गया था। विदेश मंत्रालय या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्रंप के दावों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।