Summer express, नारनौल। हरियाणा के नारनौल जिले के सिहमा गांव के पशुपालक विनोद की मुर्रा भैंस ने दूध उत्पादन प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। भैंस ने 21.193 किलोग्राम दूध देकर प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों को पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से विनोद को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
गांव में आयोजित दूध उत्पादन मूल्यांकन प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न पशुपालकों की भैंसों के दूध उत्पादन का आकलन किया गया। इस दौरान विनोद की मुर्रा नस्ल की भैंस ने सबसे अधिक 21 किलो 193 ग्राम दूध उत्पादन दर्ज कराया। खास बात यह रही कि यह भैंस एक माह पहले कटड़ी को जन्म दे चुकी है। सामान्य परिस्थितियों में इस अवस्था में दूध उत्पादन अपेक्षाकृत कम माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद भैंस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
वेटरनरी सर्जन डॉ. राजपाल ने आधिकारिक रूप से दूध उत्पादन की पुष्टि की। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग, पंचकूला की ओर से विनोद को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
ग्रामीणों ने इस उपलब्धि को क्षेत्र के पशुपालकों के लिए प्रेरणादायक बताया। उनका कहना है कि संतुलित आहार, नियमित देखभाल और समय पर चिकित्सा सुविधाओं से पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि हरियाणा सरकार की पशुपालन एवं डेयरी विकास योजनाओं के तहत प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और आर्थिक सहायता का लाभ मिलने से पशुपालकों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। विनोद की इस सफलता ने क्षेत्र के युवाओं में आधुनिक डेयरी व्यवसाय और वैज्ञानिक पशुपालन के प्रति नई रुचि पैदा की है।