Summer express/नूरपुर, संजीव महाजन-: बरसात के मौसम को देखते हुए फतेहपुर प्रशासन ने संभावित बाढ़ और पौंग बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। हर वर्ष मानसून के दौरान पौंग बांध का जलस्तर बढ़ने पर अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है, जिससे फतेहपुर, इंदौरा के मंड क्षेत्र और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका रहती है। इसी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार पहले से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
एसडीएम फतेहपुर रमण कुमार शर्मा ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा प्रबंधन से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। बैठक में विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। फील्ड स्टाफ को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और समय-समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।तैयारियों का जायजा लेने के लिए एसडीएम स्वयं मंड रियाली क्षेत्र पहुंचे और संभावित प्रभावित स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों को भी तैयार रखा जा रहा है।गौरतलब है कि पिछले वर्ष भारी बारिश और पौंग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण मंड क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए थे। खेतों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बार प्रशासन का प्रयास है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाकर संभावित नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके।
एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष हुए नुकसान की समीक्षा भी की जा रही है। यदि कोई पात्र प्रभावित व्यक्ति अब तक मुआवजे से वंचित है, तो नियमानुसार उसकी पात्रता की जांच कर शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात सूचना को नजरअंदाज न करें।फतेहपुर प्रशासन की समय रहते शुरू की गई यह तैयारी मंड क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बरसात के पूरे मौसम में हालात पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाएगा।