Summer express, आरविंदर सिंह , हमीरपुर | बरसात के मौसम में संभावित हादसों को रोकने के लिए वन विभाग हमीरपुर ने खतरा बने पेड़ों और जर्जर भवनों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है। विभाग ने जिले भर में ऐसे 95 पेड़ों को चिन्हित किया है, जो लोगों और संपत्ति के लिए खतरा बन सकते हैं। इन पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि मानसून के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
हमीरपुर वन मंडल के डीएफओ अंकित सिंह ने बताया कि लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण पुराने और कमजोर पेड़ों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर जोखिम वाले 95 पेड़ों की पहचान की है और उन्हें काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि केवल पेड़ों तक ही नहीं, बल्कि विभाग के पुराने और जर्जर भवनों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहर के बीचों-बीच स्थित सत्यनारायण मंदिर वाली गली के पास वन विभाग के एक पुराने भवन को भी असुरक्षित घोषित किया गया है। यह भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में है और बरसात के दौरान किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकता है।
डीएफओ ने कहा कि भवन को सुरक्षित तरीके से गिराने के लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भवन को ध्वस्त किया जाएगा, ताकि आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वन विभाग का कहना है कि मानसून के दौरान जन सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से जोखिम वाले पेड़ों तथा जर्जर संरचनाओं को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई पेड़ या भवन खतरे की स्थिति में दिखाई देता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।