Summer express, धर्मवीर , मंडी | हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में निःशुल्क और रियायती यात्रा सुविधा प्रदान करने के लिए शुरू की गई हिम बस पास योजना यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। विशेष रूप से विद्यार्थियों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र वर्गों को इस योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। करसोग डिपो के तहत अब तक 9,166 यात्रियों को हिम बस पास जारी किए जा चुके हैं, जिससे हजारों लोग नियमित रूप से रियायती और मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी बसों में निःशुल्क या रियायती दरों पर यात्रा करने वाले लाभार्थियों के लिए हिम बस पास को अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद पात्र यात्रियों को इसी पास के माध्यम से यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 22 श्रेणियों के चिन्हित लाभार्थियों को इस योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है।
योजना का लाभ उठा रहे करसोग क्षेत्र के लाभार्थियों आंचल, हेमराज और राधा देवी ने बताया कि हिम बस पास के माध्यम से उन्हें एचआरटीसी बसों में आसान और किफायती यात्रा सुविधा मिल रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इस जनहितकारी योजना को भविष्य में भी जारी रखने की मांग की।
एचआरटीसी करसोग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक एन.के. चांदला ने बताया कि डिपो के अंतर्गत अब तक कुल 9,166 हिम बस पास जारी किए गए हैं। इनमें 1,581 विद्यार्थी, 6,350 महिलाएं और 969 दिव्यांगजन शामिल हैं। इसके अलावा अन्य पात्र श्रेणियों के लाभार्थियों को भी निःशुल्क एवं रियायती यात्रा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार की ‘प्रथम दर्शन योजना’ के तहत करसोग से प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माता शिकारी देवी के लिए सीधी बस सेवा भी शुरू की गई है। इस सेवा को यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और निगम को इससे लगभग 100 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से आय प्राप्त हो रही है।
एचआरटीसी अधिकारियों का मानना है कि हिम बस पास योजना न केवल पात्र वर्गों को आर्थिक राहत प्रदान कर रही है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। वहीं, प्रथम दर्शन योजना के तहत शुरू की गई धार्मिक पर्यटन सेवाएं स्थानीय पर्यटन और निगम की आय बढ़ाने में भी सहायक साबित हो रही हैं।