मुख्यमंत्री भगवंत मान और मंत्रियों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया, विपक्ष ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में वीरवार को अवैध खनन, रंगदारी रैकेट और कथित पुलिस मिलीभगत के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के विधायकों ने इन मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई, जबकि सत्ता पक्ष ने सभी आरोपों को राजनीतिक बताते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में कथित अवैध खनन और रंगदारी के मामलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है और सरकार को पूरे मामले पर सदन में जवाब देना चाहिए।
मनप्रीत सिंह बादल ने कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया: उन्होंने कहा कि व्यापारियों और उद्योगपतियों को रंगदारी की धमकियां मिल रही हैं और हाल में सामने आए मामलों ने लोगों का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट नीति और सख्त कार्रवाई की मांग की। शिरोमणि अकाली दल के विधायकों ने अवैध खनन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार के दावों के बावजूद कई जिलों में अवैध खनन जारी है। विपक्ष ने कहा कि इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विपक्ष ने हाल में सामने आए कथित रंगदारी रैकेट और उसमें एक पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए पुलिस तंत्र की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि यदि पुलिस कर्मियों की संलिप्तता सामने आती है तो पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। विपक्ष ने अवैध खनन, रंगदारी रैकेट और कथित पुलिस मिलीभगत के मामलों पर विस्तृत चर्चा, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की मांग की। साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सरकार से विस्तृत वक्तव्य देने की भी मांग की।
{खनन रोकने को चला रहे अभियान: बरिंदर गोयल
सदन में सरकार की ओर से जवाब देते हुए खनन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए लगातार संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों में अवैध खनन के मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, मशीनें जब्त की गई हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
{आरोप राजनीति से प्रेरित: चीमा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि सरकार तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में यदि पुलिस अधिकारी या अन्य सरकारी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। दिनभर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। विपक्षी सदस्य अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करते रहे, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार सभी सदस्यों से शांतिपूर्वक चर्चा में भाग लेने की अपील की।
{अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस’ नीति : भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, अवैध खनन और संगठित अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा। किसी भी आरोपी को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलेगा और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।