चंशगुन कश्यप | चंडीगढ़
समर न्यूज
‘मेरा वार्ड, मेरा परिवार’ विशेष शृंखला में वार्ड नंबर-35 से भाजपा पार्षद राजेंद्र शर्मा ने अपने राजनीतिक सफर और क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों पर बात की। उन्होंने बताया कि वह कॉलेज समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं। संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के बाद उन्होंने पार्टी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रधान, जिला महामंत्री और जिला प्रधान के रूप में भी काम किया। वर्ष 2021 में पार्टी ने उन्हें वार्ड नंबर-35 से चुनाव लड़ने का मौका दिया और वह पार्षद चुने गए।
राजेंद्र शर्मा ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में वार्ड की कई लंबित सुविधाओं को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने सेक्टर-48 स्थित वंडर पार्क को वार्ड की प्रमुख पहचान बताया। यह पार्क बेकार सामग्री से तैयार कलाकृतियों के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां बच्चों के लिए गतिविधियों के साथ दृष्टिबाधित लोगों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध होने की बात कही गई। पार्क के साथ बने खुले रंगमंच का उपयोग सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता है।
पार्षद के प्रमुख दावे
राजेंद्र शर्मा के अनुसार, वार्ड-35 में सेक्टर-48 के वंडर पार्क और खुले रंगमंच को बेहतर पहचान मिली, बंद पड़े अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं दोबारा शुरू हुईं, सेक्टर-50 में पूर्ण संपर्क केंद्र खोला गया, सेक्टर-53 में सामुदायिक केंद्र की प्रक्रिया आगे बढ़ी और सेक्टर-49 के सामुदायिक केंद्र की मरम्मत के लिए निविदा पूरी हुई। आगामी नगर निगम चुनाव पर राजेंद्र शर्मा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष जनता के बीच काम करते हैं। उन्होंने वार्डवासियों को अपना परिवार बताते हुए दावा किया कि पूरे हुए और प्रस्तावित कार्यों के आधार पर उन्हें दोबारा समर्थन मिलेगा। उनके दावों का निष्पक्ष मूल्यांकन नगर निगम के अभिलेखों, परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति और स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया से किया जा सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूर्ण संपर्क केंद्र खुलवाने का दावा
पार्षद ने बताया कि वार्ड में पहले सीमित सेवाओं वाला केंद्र था, जहां मुख्य रूप से बिल जमा किए जाते थे। सेक्टर-50 में शुरू किए गए नए संपर्क केंद्र में अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध होने का दावा किया गया है। उनके अनुसार, इससे वरिष्ठ नागरिकों और सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को दूसरे सेक्टरों में जाने से राहत मिली है। सेक्टर-53 में सामुदायिक केंद्र के निर्माण की योजना को भी उन्होंने आगामी प्रमुख कार्य बताया। उन्होंने कहा कि भूमि की मिट्टी जांच हो चुकी है और अब निविदा प्रक्रिया आगे बढ़नी है। वहीं सेक्टर-49 के सामुदायिक केंद्र की मरम्मत के लिए निविदा हो चुकी है और काम शुरू होना बाकी है।
बंद पड़े अस्पताल में दोबारा शुरू हुई स्वास्थ्य सेवाएं
राजेंद्र शर्मा ने सेक्टर-48 के अस्पताल को दोबारा शुरू करवाने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, अस्पताल वर्ष 2021-22 के दौरान बंद पड़ा था। संबंधित अधिकारियों और सेक्टर-32 अस्पताल प्रशासन के समक्ष मामला उठाने के बाद यहां एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक सेवाएं शुरू की गईं। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टर नियमित रूप से बैठते हैं और मरीजों को दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जाती हैं। हालांकि अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं, डॉक्टरों की नियमित तैनाती और दवाओं की उपलब्धता का वास्तविक आकलन विभागीय रिकॉर्ड और स्थानीय मरीजों के अनुभव के आधार पर ही किया जा सकता है।