Summer express/हमीरपुर, अरविंद-: बिजली बोर्ड की ओर से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर के विरोध में शुक्रवार को उपभोक्ता कल्याण मंच ने जोरदार प्रदर्शन किया। मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने शहर में विरोध रैली निकाली और बिजली बोर्ड कार्यालय पहुंचकर घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार व बिजली बोर्ड से इनकी स्थापना की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग उठाई।विरोध रैली चिल्ड्रन पार्क से शुरू होकर बिजली बोर्ड कार्यालय तक पहुंची। रैली में शामिल लोगों ने स्मार्ट मीटर को उपभोक्ता हितों के खिलाफ बताते हुए इसके विरोध में एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बिजली बोर्ड में निजी कंपनियों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया बंद की जाए। इसके साथ ही बिजली संशोधन विधेयक वापस लेने और बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन बंद करने की मांग भी उठाई गई।
उपभोक्ता कल्याण मंच का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने का लंबे समय से विरोध किया जा रहा है। मंच के पदाधिकारियों के अनुसार, घरों में पहले से डिजिटल मीटर लगे हुए हैं, ऐसे में स्मार्ट मीटर लगाने की आवश्यकता समझ से परे है। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाने से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है, जिसका सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ेगा।देई का नौण पंचायत के उपप्रधान रंजन शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर का विरोध केवल हमीरपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों में लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारें ऐसे फैसले ले रही हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग स्मार्ट मीटर लगाने के इच्छुक नहीं हैं तो उन पर इसे लगाने के लिए किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्मार्ट मीटर का खर्च आम उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला बताया।
उपभोक्ता कल्याण मंच के सहसंयोजक एडवोकेट सुरेश राठौर ने कहा कि मंच का गठन ही स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया का पुरजोर विरोध करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के विरोध वाले क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन काटने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर मंच के सदस्य अधीक्षण अभियंता बिजली बोर्ड से मुलाकात करने पहुंचे हैं। मंच ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा।