Summer express, कैथल (बलिंदर कुमार)। सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर कैथल के ऐतिहासिक श्री 11 रुद्री शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। दूर-दराज से पहुंचे शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
सावन शिवरात्रि को लेकर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर में आस्था और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान शिव के जयकारे लगाते नजर आए। बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने भी मंदिर पहुंचकर भगवान शिव को जल अर्पित किया।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कैथल पुलिस की ओर से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ भीड़ को व्यवस्थित तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मुनीन्द्र ने बताया कि सावन माह भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस महीने में भगवान भोलेनाथ की पूजा और जलाभिषेक करने का विशेष धार्मिक महत्व है। सावन के दौरान निकाली जाने वाली कांवड़ यात्रा भी श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण होती है। मान्यता है कि इस पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों को पूरे वर्ष पूजा करने के समान पुण्य प्राप्त होता है और भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
उन्होंने बताया कि महाभारतकालीन प्राचीन ग्यारह रुद्री शिव मंदिर के कारण कैथल को धार्मिक रूप से ‘मिनी काशी’ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों की मुक्ति के लिए यहां भगवान शिव के ग्यारह रुद्र स्वरूपों और नवग्रह कुंडों की पूजा करवाई थी। इसी धार्मिक इतिहास के कारण मंदिर का विशेष महत्व माना जाता है।
सावन शिवरात्रि पर मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल के बीच श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही थी।