Summer express, पलवल (सुंदर कुंडू)। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को नए कानून एवं रोजगार गारंटी व्यवस्था की जानकारी देने के उद्देश्य से हथीन में पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पलवल के उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान जिला परिषद के सीईओ जितेंद्र कुमार और जिला पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा सहित पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के तहत ग्रामीण विकास को गति देने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला व ब्लॉक स्तर पर पंच सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इन सम्मेलनों के माध्यम से ग्राम पंचायतों के सरपंचों, पंचों और अन्य प्रतिनिधियों को कानून के प्रावधानों तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से लागू किए गए इस कानून का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। रोजगार गारंटी के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही गांवों में जल संरक्षण, आधारभूत ढांचे और आजीविका से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। कानून के तहत करीब 318 प्रकार के कार्य प्रस्तावित हैं।
उपायुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे ग्रामीण विकास योजनाओं को धरातल पर लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने डिजिटल भुगतान, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जवाबदेही को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से पलवल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति दी जा सकती है।
कार्यक्रम के बाद उपायुक्त ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके अलावा हर घर तिरंगा अभियान के तहत तिरंगा यात्रा भी निकाली गई। यात्रा में पंचायत प्रतिनिधियों और उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
जिला परिषद के सीईओ जितेंद्र कुमार ने भी पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिनिधियों से योजनाओं का लाभ पात्र ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने का आह्वान किया।