करनाल (राकेश कुमार शर्मा): एफसीआई के गोदामों में चावल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। करनाल जिले के राइस मिलर्स ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। मिलर्स ने तैयार चावल के समय पर उठान और अतिरिक्त भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
राइस मिलर्स का कहना है कि एफसीआई के गोदामों में जगह की कमी के चलते मिलों में तैयार चावल का उठान प्रभावित हो रहा है। इससे राइस मिलों में भंडारण क्षमता लगातार कम होती जा रही है। मिलर्स के अनुसार करीब 15 दिन बाद धान का नया सीजन शुरू होने की संभावना है। ऐसे में यदि चावल के उठान और भंडारण की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो नई धान की आवक के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है।
राइस मिलर प्रतिनिधि बाल कृष्ण और राजेंद्र मोंगा ने बताया कि मौजूदा समय में मिलों में तैयार चावल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है। वहीं आगामी धान सीजन में किसानों से बड़ी मात्रा में धान मंडियों में पहुंचने की उम्मीद है। यदि पहले से रखे चावल का उठान नहीं हुआ तो मिलों में नए धान के भंडारण और मिलिंग प्रक्रिया को संचालित करने में परेशानी आ सकती है।
मिलर्स ने दावा किया कि चावल के उठान में देरी के कारण करनाल जिले में करीब नौ हजार गाड़ियां प्रभावित हैं, जबकि पूरे हरियाणा में यह संख्या लगभग 25 हजार तक बताई जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते भंडारण और उठान की व्यवस्था नहीं की गई तो इसका असर आगामी धान खरीद सीजन पर भी पड़ सकता है। इससे किसानों को भी अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने और समय पर उठान कराने में दिक्कत हो सकती है।
राइस मिलर्स ने जिला प्रशासन के साथ-साथ हरियाणा सरकार और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने एफसीआई के गोदामों में अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध कराने और मिलों से तैयार चावल का नियमित उठान सुनिश्चित करने की मांग रखी, ताकि आगामी धान सीजन में खरीद और मिलिंग व्यवस्था प्रभावित न हो।
मिलर्स प्रतिनिधियों ने कहा कि समस्या को लेकर अधिकारियों से बातचीत और आश्वासन लगातार मिल रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि धान सीजन शुरू होने से पहले चावल के उठान और भंडारण की व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि किसानों, मिलर्स और संबंधित एजेंसियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।