Summer express , संजू , शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत भी राजनीतिक हंगामे के साथ हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही कांग्रेस और भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। कांग्रेस ने भाजपा पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया, जबकि भाजपा विधायकों ने सत्ता पक्ष पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के अपमान का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में भाजपा के खिलाफ धरना देते हुए राष्ट्रगान के कथित अपमान को लेकर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए राष्ट्रीय गीत को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित नियमों के अनुसार चलती है और इसे दबाव या हंगामे के जरिए संचालित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रगान और वंदे मातरम् दोनों का सम्मान करती है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय गीत को सत्र के समापन के दौरान गाए जाने की व्यवस्था है और विधानसभा अध्यक्ष भी सदन में इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी भाजपा पर सदन का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार के खिलाफ जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने चाहिए, लेकिन भाजपा विधायक अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम् को विवाद का विषय बना रहे हैं।
वहीं, भाजपा विधायकों ने भी विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का उचित सम्मान नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत को लेकर किसी भी तरह की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी और भाजपा इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा किसी राजनीतिक संगठन के फैसलों के आधार पर नहीं, बल्कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक नियमों के तहत चलती है। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष ने शिमला जिला परिषद के चुनाव में देरी का मुद्दा भी उठाया और सरकार से चुनाव जल्द कराने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिला परिषद चुनाव लंबे समय से लंबित हैं और अब मामले में अदालत ने 10 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। भाजपा ने सरकार से चुनाव प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले हुए दोनों पक्षों के प्रदर्शनों से विधानसभा परिसर में काफी देर तक राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। राष्ट्रगान और वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा।