Summer express/हमीरपुर, अरविंद-:मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैल के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, करियर, स्वच्छता, पेपर लीक और स्कूल से जुड़ी सुविधाओं सहित विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री से बेबाकी से सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों और सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी।
सीबीएसई पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों ने बताया रुचिपूर्ण
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होने के बाद स्कूल में आए बदलावों और उनके अनुभव के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि उन्हें सीबीएसई आधारित शिक्षा व्यवस्था कैसी लग रही है। विद्यार्थियों ने कहा कि नया पाठ्यक्रम उन्हें रुचिपूर्ण लग रहा है और इससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।विद्यार्थियों ने कहा कि सीबीएसई पाठ्यक्रम उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगा। उन्होंने स्कूल में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।
स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की जरूरत
संवाद के दौरान एक छात्रा ने सवाल किया कि समाज में सफाई के कार्य को छोटा क्यों समझा जाता है और हिमाचल प्रदेश को स्वच्छ बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। छात्रा ने बताया कि उसकी बहन सरकार के एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के तहत कजाकिस्तान गई थी, जहां उसने बेहतर स्वच्छता व्यवस्था देखी। उसने कहा कि हिमाचल को भी अधिक स्वच्छ और हरा-भरा बनाने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने छात्रा के सवाल को उचित बताते हुए कहा कि स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी स्वच्छता को विशेष महत्व दिया था। प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। केवल अपने घर की सफाई तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आस-पड़ोस में भी स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।
पेपर लीक पर मुख्यमंत्री ने कहा- युवाओं के साथ धोखा
एक छात्र ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने से विद्यार्थियों पर गंभीर मानसिक दबाव पड़ता है और उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक की घटना से देश के युवाओं को गहरा आघात लगा और इसके विरोध में युवा सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी और उसके अभिभावक को बच्चे की सफलता की उम्मीद होती है। ऐसे में पेपर लीक होना युवाओं के साथ धोखा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब चार वर्ष पहले हिमाचल प्रदेश में भी प्रश्नपत्रों की बिक्री जैसी घटनाएं सामने आई थीं। वर्तमान राज्य सरकार ने इन मामलों की जांच करवाने के साथ हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर को भंग किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेजा गया।उन्होंने कहा कि अब हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पेपर लीक जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों को स्पष्ट संदेश है कि ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल जाना पड़ेगा।
रंगस से बस सुविधा और स्कूल की सीढ़ियों का उठा मुद्दा
संवाद के दौरान एक छात्रा ने स्कूल के लिए रंगस से बस सुविधा शुरू करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसके लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।वहीं, एक प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थी ने स्कूल की टूटी हुई सीढ़ियों की समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सीढ़ियों की जल्द मरम्मत करवाने के निर्देश दिए।