{नशा छुड़ाने के साथ खेलों से युवाओं को जोड़ने के लिए राज्यपाल कटारिया ने ‘वॉलीबॉल कप 2026’ का भी किया आगाज
शगुन कश्यप | चंडीगढ़
समर न्यूज
केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में चल रहे ‘एंटी-ड्रग अभियान’ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रधान सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, आईजीपी, एसएसपी और चंडीगढ़ पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद प्रशासक ने ‘चंडीगढ़ पुलिस वॉलीबॉल कप 2026’ का शुभारंभ किया और टूर्नामेंट की जर्सी का अनावरण किया। यह प्रतियोगिता 2 से 10 अक्टूबर तक सेक्टर-26 पुलिस लाइन में आयोजित की जाएगी। समीक्षा बैठक में बताया गया कि 11 से 30 सितंबर 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 163 एफआईआर दर्ज कर 173 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 525 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। इस दौरान 2.638 किलोग्राम हेरोइन, 50.72 ग्राम कोकीन, 9.46 ग्राम आइस, 1.191 किलोग्राम गांजा, 49 नशीले इंजेक्शन, 24 चाकू, 3 पिस्तौल, 9 कारतूस और 20,000 रुपये की नकदी बरामद की गई। शहर के 65 चिन्हित ड्रग हॉटस्पॉट्स पर केंद्रित कार्रवाई करते हुए 97 मामले दर्ज किए गए और 99 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
सख्ती के साथ-साथ पुलिस नशा पीड़ितों के पुनर्वास पर भी जोर दे रही है। अभियान के दौरान पहचाने गए 83 नशा पीड़ितों में से 37 को इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया है। जन-भागीदारी बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 24 और एसडीपीओ व थाना प्रभारियों द्वारा 118 जनसभाएं की गईं। स्कूलों और कॉलेजों में नुक्कड़ नाटकों व जागरूकता शिविरों के माध्यम से युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 23 सितंबर को शुरू की गई एंटी-ड्रग हेल्पलाइन पर अब तक 453 कॉल और संदेश प्राप्त हुए हैं, जिन पर कार्रवाई करते हुए 7 एफआईआर दर्ज कर 7 गिरफ्तारियां की गई हैं।
बैठक में यह भी सामने आया कि अगस्त 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत चंडीगढ़ पुलिस की सजा दर (कन्विक्शन रेट) बढ़कर 92.7 प्रतिशत हो गई है, जो वर्ष 2025 में 84.7 प्रतिशत थी। इस वर्ष निर्णीत 97 मामलों में से 90 में दोषियों को सजा दिलाई गई। चंडीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों की सप्लाई चेन तोड़ने, क्लबों के समय की निगरानी करने और युवाओं को खेलों से जोड़ने का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।