रूस | रूस के कामचटका क्षेत्र में शनिवार को समुद्र के नीचे जोरदार भूकंप ने हलचल मचा दी। भूकंप की तीव्रता 6.6 मापी गई, जिसका केंद्र समुद्र तल से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। झटकों का असर सिर्फ रूस तक सीमित नहीं रहा—प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में सुनामी का खतरा मंडराने लगा है।
हवाई और जापान तक सतर्कता
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंस (GFZ) और अमेरिकी नेशनल वेदर सर्विस ने हवाई द्वीपों सहित कई देशों को अलर्ट पर रखा है। जापान, चिली और मिस्र की आपदा एजेंसियां स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
कोई जान-माल का नुकसान नहीं, पर अलर्ट ज़ारी
अब तक किसी तरह के नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी स्थानीय प्रशासन ने राहत टीमें तैनात कर दी हैं और लोगों से तटीय इलाकों को छोड़ने की अपील की है।
लोग क्या करें?
- तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग तुरंत सुरक्षित ऊंचाई की ओर जाएं
- मोबाइल और रेडियो अलर्ट्स पर नज़र रखें
- इमरजेंसी किट तैयार रखें
क्यों डराता है यह इलाका?
कामचटका एक भूगर्भीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र है। यहां अक्सर ज्वालामुखीय गतिविधियों और समुद्री भूकंपों की वजह से खतरा बना रहता है। समुद्र के नीचे आया यह झटका ‘सबमरीन भूकंप’ की श्रेणी में आता है, जो सुनामी का कारण बन सकते हैं।
क्या हो सकता है आगे?
विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के झटकों के बाद अफ्टरशॉक्स और समुद्री लहरों की ऊंचाई बढ़ने की आशंका बनी रहती है। प्रशासन की नजर फिलहाल समुद्री हलचलों पर है, और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है।