चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में मरीजों को अब पर्ची बनवाने के लिए ओपीडी की लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। सीएचसी मुलाना में ‘आभा’ प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन पंजीकरण का पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है, और अब इसे राज्य के हर जिले के दो स्वास्थ्य केंद्रों में लागू किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने सोमवार को ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ के तहत आभा कार्ड जारी किए और मिशन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मरीज अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को आभा (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) ID से जोड़कर सुरक्षित रूप से स्टोर, एक्सेस और साझा कर सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह पहल प्रदेशभर में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है। जल्द ही राज्य के सभी 22 जिलों के 44 स्वास्थ्य केंद्रों में यह सुविधा शुरू की जाएगी।
संयुक्त निदेशक (आईटी) कैलाश सोनी ने बताया कि अब तक हरियाणा में 1.63 करोड़ से अधिक आभा कार्ड जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आभा कार्ड प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) से अलग है और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स को संग्रहीत करने के लिए एक स्वतंत्र और सुरक्षित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है।
सीएचसी मुलाना को राज्य का पहला पूर्णतः डिजिटल और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा केंद्र बनाया गया है, जहां मरीज घर बैठे ही ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं और उन्हें पर्ची बनवाने के लिए अस्पताल में कतार में नहीं लगना पड़ता।