नई दिल्ली | भारत के कुख्यात अपराधी डॉ. देवेंद्र शर्मा उर्फ ‘डॉक्टर डेथ’ के सहयोगी राजेंद्र उर्फ राजू उर्फ रजुआ को आखिरकार 21 साल बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे अलीगढ़ के कासिमपुर इलाके से गिरफ्तार किया, जहां वह एक अलग कमरे में छिपा हुआ था। राजेंद्र की गिरफ्तारी को देश के सबसे खतरनाक सीरियल किलिंग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
राजेंद्र के खिलाफ हत्या, अपहरण और डकैती जैसे 12 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी। गुरुग्राम पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर पुराने मामलों की गुत्थियां सुलझाने की तैयारी कर रही है।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि पूछताछ में डॉ. देवेंद्र शर्मा ने राजेंद्र के गिरोह से जुड़े कई पुराने मामलों का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि दोनों नकली यात्री बनकर टैक्सी ड्राइवरों को फंसाते, फिर उनकी हत्या कर देते थे। राजेंद्र फिलहाल एक पेट्रोल पंप पर गार्ड के रूप में काम कर रहा था।
डॉ. देवेंद्र शर्मा को पहले ही दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में हत्या के 8 मामलों में दोषी करार दिया जा चुका है, जिनमें से 7 में उम्रकैद और 1 में फांसी की सजा सुनाई गई थी। वह वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद था, लेकिन अगस्त 2023 में पैरोल पर बाहर आने के बाद फरार हो गया था। इससे पहले भी 2020 में वह पैरोल का दुरुपयोग कर 7 महीने तक लापता रहा था।
इस बार फरारी के दौरान उसने राजस्थान के दौसा स्थित एक आश्रम में पुजारी का वेश धारण कर खुद को छिपा लिया था। दिल्ली पुलिस की कई टीमों ने उसकी तलाश में जयपुर, गुरुग्राम, अलीगढ़ और दिल्ली में गुप्त ऑपरेशन चलाए थे।
पुलिस का दावा है कि डॉ. देवेंद्र शर्मा 100 से अधिक हत्याओं में शामिल रहा है, हालांकि अब तक केवल 8 मामलों में उसका दोष सिद्ध हो चुका है। अब उसके फरार साथी की गिरफ्तारी से यह उम्मीद की जा रही है कि कई अनसुलझे मामले खुल सकते हैं।