वॉशिंगटन | पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन को बीच में ही छोड़कर अमेरिका लौटने का फैसला किया। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया जब इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष और गहरा गया है।
तेहरान छोड़ने की अपील, परमाणु कार्यक्रम को लेकर चेतावनी
ट्रंप ने सोमवार को एक अहम बयान जारी करते हुए कहा, “सभी लोगों को तुरंत तेहरान छोड़ देना चाहिए।” साथ ही उन्होंने ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान ने जल्द समझौता नहीं किया, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास वार्ता के लिए 60 दिन का समय था, लेकिन वह मौका गंवा चुका है।
इजराइल के हवाई हमले और बढ़ते खतरे
बताया जा रहा है कि इजराइल ने चार दिन पहले ईरान पर हवाई हमले शुरू किए थे और उसके कई परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, अब तक ईरान के सबसे सुरक्षित परमाणु केंद्र ‘फोर्डो यूरेनियम संवर्धन संयंत्र’ को नुकसान नहीं पहुंचा है, जो भूमिगत स्थित है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे नष्ट करने के लिए 30,000 पाउंड वजनी ‘GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर’ जैसे बम की जरूरत होगी, जो फिलहाल इजराइल के पास नहीं है।
ट्रंप की चुप्पी और वापसी
जब ट्रंप से यह पूछा गया कि क्या अमेरिका इस संघर्ष में सैन्य रूप से शामिल होगा, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा, “मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता।” सोमवार शाम को ट्रंप ने G7 में मौजूद अन्य वैश्विक नेताओं के साथ तस्वीर खिंचवाई और संक्षेप में कहा, “मुझे वापस जाना बेहद जरूरी है।”
कनाडा के प्रधानमंत्री ने जताई समझदारी
शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रंप की जल्द वापसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं राष्ट्रपति की मौजूदगी के लिए आभारी हूं और मौजूदा स्थिति को पूरी तरह समझता हूं।”