23 June, 2025
जब नागार्जुन, धनुष और रश्मिका मंडन्ना एक ही फिल्म में साथ नजर आएं, और निर्देशक हों मास्टर स्टोरीटेलर शेखर कम्मुला, तो समझ लीजिए सिनेमा नहीं, एक विस्फोट होने वाला है। ‘कुबेर’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है और देशभर के दर्शकों को सिनेमाई रोमांच से भर चुकी है।
तो जानिए वो 5 ठोस वजहें, जिनसे साबित होता है कि ‘कुबेर’ क्यों है इस सीजन की मस्ट-वॉच फिल्म:
नागार्जुन का अब तक का सबसे बोल्ड अवतार
नागार्जुन इस बार अपने चिर-परिचित इमेज से हटकर एक ग्रे शेड किरदार में नज़र आ रहे हैं – रहस्यमय, रौबदार और पूरी तरह प्रभावशाली। डायलॉग से ज़्यादा उनकी आंखें और खामोशी बोलती है।
धनुष की परफॉर्मेंस ने मारा छक्का
धनुष ने फिर एक बार दिखा दिया कि वो क्यों भारत के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में से एक हैं। उनका किरदार परतदार है, इमोशनल है और पूरी फिल्म में उनकी मौजूदगी दर्शकों को बांधे रखती है।
रश्मिका का ट्रांसफॉर्मेशन
‘नैशनल क्रश’ रश्मिका मंडन्ना इस फिल्म में एक बेहद इन्टेंस और गंभीर रोल में हैं। उन्होंने सिद्ध कर दिया कि वो केवल चेहरे की मासूमियत नहीं, बल्कि दमदार अभिनय भी कर सकती हैं।
शेखर कम्मुला की निर्देशन में नई उड़ान
कुबेर में शेखर कम्मुला ने पॉलिटिक्स, थ्रिलर और ड्रामा को एक ऐसी जटिल मगर प्रभावशाली स्क्रिप्ट में पिरोया है, जिसे देखकर आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। कहानी की परतें धीरे-धीरे खुलती हैं और क्लाइमैक्स तक सब कुछ एकदम फिट बैठता है।
म्यूज़िक और सिनेमैटोग्राफी – विज़ुअल ट्रीट!
देवी श्री प्रसाद का म्यूज़िक और निकेत बोम्मिरेड्डी की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को विज़ुअली शानदार बनाते हैं। हर फ्रेम एक पेंटिंग की तरह है और बैकग्राउंड स्कोर कहानी में जान डालता है।‘
कुबेर’ अब सिनेमाघरों में उपलब्ध है हिंदी, तमिल और तेलुगू में। अगर आप इस वीकेंड कुछ दमदार देखना चाहते हैं, तो ‘कुबेर’ आपकी लिस्ट में ज़रूर होनी चाहिए!