रेवाड़ी | साइबर थाना पुलिस ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ट्रांसपोर्ट कारोबारी से ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान नारनौल उपमंडल के गांव देवस्थान निवासी हिमांशु कौशिक के रूप में हुई है। अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
फोन पर खुद को SHO बताया, फिर किया ठगी का जाल तैयार
जांच अधिकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्ट कारोबारी नरेंद्र कुमार, जो रेवाड़ी जिले के गांव आसलवास का निवासी है, ने शिकायत दी थी कि 15 मई को उसे एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को थाना प्रभारी (SHO) बताते हुए कहा कि नरेंद्र की ट्रक नोएडा में तीन एक्सीडेंट में शामिल रही है और मामला गंभीर है। हालांकि उसने कहा कि वह आपसी समझौते से मामला सुलझा सकता है, लेकिन इसके लिए पैसे देने होंगे।
भरोसा जीतकर दो किस्तों में ऐंठे पैसे
फोन कॉल के झांसे में आकर नरेंद्र ने पहले 22,000 रुपये खुद के मोबाइल से और फिर 22,700 रुपये अपने दोस्त के मोबाइल नंबर से आरोपी द्वारा दिए गए अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। कुल मिलाकर आरोपी ने 44,700 रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
ड्राइवर से की पुष्टि, तब खुला फर्जीवाड़ा
राशि ट्रांसफर करने के बाद जब नरेंद्र ने अपने ड्राइवर से बात कर गाड़ी की जानकारी ली, तो पता चला कि नोएडा में ऐसा कोई एक्सीडेंट हुआ ही नहीं है। तब जाकर उसे ठगी का अहसास हुआ और उसने तुरंत साइबर थाना रेवाड़ी में शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच में खुला राज, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे
शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस ने आरोपी हिमांशु कौशिक की पहचान की और वीरवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और किन-किन लोगों को इसी तरह से निशाना बनाया है।