टोहाना | टोहाना में चिटफंड कंपनी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई, जबकि दो को न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया गया है।
इकोनॉमिक सेल के सब इंस्पेक्टर इंद्र सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता साहिल की शिकायत पर पुनिया चिटफंड कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पहले सुरेंद्र कुमार और कृष्ण को गिरफ्तार किया गया, लेकिन उन्हें बाद में जमानत मिल गई। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी कर्मवीर पुनिया और जयदीप उर्फ नीटू को काबू कर दो दिन के रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान दोनों से संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई। रविवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें हिसार जेल भेज दिया गया।
60 करोड़ की लॉटरी स्कीम से की गई थी धोखाधड़ी
करीब तीन साल पहले टोहाना के सैकड़ों निवेशकों ने कर्मवीर पुनिया और उसके परिवार के छह सदस्यों के खिलाफ चिटफंड कंपनी के माध्यम से लॉटरी स्कीम में 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। मामला लंबे समय तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा और आरोपी खुलेआम घूमते रहे।
हाल ही में एसपी सिद्धांत जैन के टोहाना दौरे के दौरान पीड़ितों ने इस मामले को फिर से उठाया, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब भी बाकी है, जिन पर जल्द कार्रवाई की बात कही जा रही है।
राजनीतिक संरक्षण पर उठे सवाल
शहर में चर्चा है कि आरोपी परिवार का स्थानीय नेताओं से करीबी संबंध रहा है, जिससे पहले कार्रवाई नहीं हो सकी। लेकिन अब एसपी सिद्धांत जैन द्वारा मामले को गंभीरता से लेने पर पीड़ितों में न्याय की उम्मीद जगी है।
शिकायतकर्ता साहिल, मन्नू सिंगला, संजय ब्याज, सुशील और जतिन ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की संपत्ति को जल्द अटैच किया जाए और बाकी फरार आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर सजा दिलाई जाए।