लुधियाना | पंजाब में 25 जून को दस्तक देने वाले मानसून ने लुधियाना में अपना असर जमकर दिखाया। सोमवार देर रात से लेकर मंगलवार दोपहर तक करीब 10 घंटे तक लगातार हुई बारिश ने महानगर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। बारिश के कारण शहर की अधिकांश सड़कें पानी में डूब गईं और जगह-जगह जलभराव के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
लगातार बरसात के कारण शहर का अधिकतम तापमान गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो कि पिछले 55 वर्षों में दर्ज किया गया सबसे कम तापमान है। इससे पहले गर्मियों में इतना कम अधिकतम तापमान 1970 के बाद कभी नहीं रिकॉर्ड किया गया था।
बारिश ने जहां लोगों को चिपचिपी गर्मी से राहत दी, वहीं जलभराव ने नगर निगम की तैयारियों की पोल भी खोल दी। सड़कों पर भरे पानी में कई दोपहिया वाहन बंद हो गए और लोग उन्हें स्टार्ट करने में मशक्कत करते नजर आए। शहरवासियों ने सवाल उठाया कि स्मार्ट सिटी का दावा करने वाले लुधियाना में आज भी बारिश का पानी निकालने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में तैनात मौसम विशेषज्ञ डॉ. पवनीत कौर किंगरा ने बताया कि इस दौरान शहर में 33 मिमी बारिश दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। डॉ. किंगरा के मुताबिक, अब तक गर्मियों के दौरान दर्ज सबसे कम अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा है, जिसे इस बार मानसून ने पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में लुधियाना सहित आसपास के क्षेत्रों में और बारिश व तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।