बठिंडा | जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पंजाब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सेहत विभाग की ओर से 6.08 करोड़ रुपये की लागत से 8 नए आयुष्मान आरोग्य केंद्र बनाए जाएंगे, जो कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही जिले में 5 नए आम आदमी क्लीनिक भी स्थापित किए जाएंगे ताकि लोगों को उनके घरों के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त पहल
यह पूरी परियोजना जिला प्रशासन और नगर निगम बठिंडा की संयुक्त मंजूरी से आगे बढ़ाई जा रही है। डिप्टी कमिश्नर शौकत अहमद पारे की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। नगर निगम की 9 जून को हुई जनरल हाउस मीटिंग में सभी प्रस्ताव पास कर दिए गए।
इन गांवों में बनेंगे नए केंद्र
नए आयुष्मान केंद्र निम्नलिखित गांवों में स्थापित किए जाएंगे:
- मिर्जीआना – ₹73.83 लाख
- नथाना – ₹74.97 लाख
- भोढ़ीपुरा – ₹49.51 लाख
- चक फतेह सिंह वाला – ₹80 लाख
- झंडू – ₹76.70 लाख
- जीवन सिंह वाला – ₹78.88 लाख
- मेहता – ₹83.06 लाख
- रायके कलां – ₹91.81 लाख
सभी केंद्रों को चारदीवारी सहित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां ओपीडी, दवाएं, जांच और सामान्य इलाज जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सेवाएं होंगी और अधिक सुलभ
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति को 3 किलोमीटर के दायरे में प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं मिलें। इसलिए इन केंद्रों की लोकेशन इस तरह तय की गई है कि वे पहले से कार्यरत अस्पतालों से कम से कम 3 किलोमीटर दूर हों, जिससे अधिक आबादी को सीधा लाभ मिल सके।
स्टाफ की तैनाती पर विचार जारी
इन नए केंद्रों में स्टाफ की नियुक्ति के संबंध में फिलहाल अंतिम निर्णय लंबित है। विभाग के अनुसार, या तो नई भर्ती की जाएगी या फिर मौजूदा स्टाफ को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जाएगी।
जिले में पहले से 46 आम आदमी क्लीनिक सक्रिय
वर्तमान में जिले में 46 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं। इनमें से 11 को आयुष्मान आरोग्य केंद्र का दर्जा दिया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 126 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी इसी ब्रांडिंग के तहत लाया गया है। इन सभी केंद्रों पर मरीजों को 80 प्रकार की फ्री दवाएं, सामान्य रोगों का इलाज, डेंटल और स्किन संबंधी सेवाएं व लैब जांच की सुविधा उपलब्ध है।
सरकारी अस्पतालों पर दबाव होगा कम
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जहां OPD पर अत्यधिक दबाव है, वहां पास में और केंद्र खोलने की योजना है ताकि मरीजों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। यह पहल खासतौर पर ग्रामीण और शहरी गरीब आबादी के लिए वरदान साबित होगी।
एक मॉडल के रूप में उभरेगा बठिंडा जिला
जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की यह संयुक्त कोशिश बठिंडा को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित कर सकती है। इससे न केवल उपचार सुलभ होगा, बल्कि समय रहते गंभीर बीमारियों को रोकने में भी मदद मिलेगी।