6 July, 2025
भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कभी कमी नहीं रही, लेकिन अब मैदान पर उतरने को तैयार हैं उन दिग्गजों के परिवारों से जुड़े युवा, जिन्होंने कभी नीली जर्सी में देश को गौरव दिलाया। विराट कोहली से लेकर वीरेंद्र सहवाग, वसीम जाफर और युवराज सिंह जैसे पूर्व या मौजूदा स्टार्स के रिश्तेदार अब घरेलू टूर्नामेंटों और लीग्स में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।
विराट कोहली के भतीजे आर्यवीर — DPL में दिखाएंगे जलवा
आर्यवीर कोहली, विराट कोहली के भतीजे, एक प्रतिभाशाली लेग स्पिनर के रूप में उभर रहे हैं। वह वेस्ट दिल्ली क्रिकेट अकादमी में विराट के कोच राजकुमार शर्मा से ट्रेनिंग लेते हैं और जल्द ही दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में नजर आएंगे। उन्हें सी श्रेणी में नीलामी के लिए रखा गया है।आईपीएल के दौरान आर्यवीर अक्सर विराट के साथ RCB की ड्रेस में नजर आते थे, लेकिन अब वह अपनी अलग पहचान बनाने की राह पर हैं।
सहवाग के भांजे मयंक डागर — अभी भी तलाश है मौके की
वीरेंद्र सहवाग के भांजे मयंक डागर, बाएं हाथ के स्पिनर और उम्दा फील्डर हैं। उन्होंने पहले पंजाब किंग्स और बाद में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेला। हालांकि आईपीएल 2025 की नीलामी में कोई खरीदार नहीं मिला, जबकि उनका बेस प्राइस 30 लाख था।मयंक ने 2023 में आईपीएल डेब्यू किया था, लेकिन अब वह घरेलू सर्किट में दोबारा दम दिखाने की कोशिश में हैं।
वसीम जाफर के भतीजे अरमान — अब खेलेंगे पुडुचेरी से
मुंबई के लिए लंबे समय तक खेलने वाले अरमान जाफर ने अब पुडुचेरी टीम का रुख किया है। उन्हें मुंबई में नियमित मौके नहीं मिल रहे थे, इसलिए उन्होंने NOC लेकर टीम बदली।अरमान ने अब तक 15 फर्स्ट क्लास मैचों में 769 रन बनाए हैं, जिनमें 3 शतक और 1 अर्धशतक शामिल हैं।
अर्जुन तेंदुलकर — गेंद और बल्ले दोनों से कर रहे कमाल
सचिन तेंदुलकर के बेटे और युवराज सिंह के भतीजे अर्जुन तेंदुलकर अब गोवा की ओर से घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्जुन ने हाल के मुकाबलों में गेंदबाज़ी में सुधार दिखाया है और बल्लेबाज़ी में भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं।पहले मैच में भले ही वह महंगे साबित हुए हों, लेकिन अगली दो पारियों में उन्होंने इकॉनमी रेट पर नियंत्रण रखा और टीम के लिए उपयोगी साबित हुए।
नज़रें अब इन पर
ये चारों खिलाड़ी आने वाले वर्षों में घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना सकते हैं और संभव है कि जल्द ही नेशनल टीम की रेस में भी नजर आएं। क्रिकेटप्रेमियों की निगाहें अब सिर्फ बड़े नामों पर नहीं, बल्कि उनके उत्तराधिकारियों पर भी टिकी हैं।